जोकोविच ने नडाल को फ़्रेंच ओपन के ‘ऐतिहासिक मैच’ में दी मात, दर्शकों के लिए कर्फ़्यू में देनी पड़ी ढील

 शुक्रवार देर रात तक चले एक बेहद कड़े मुक़ाबले में 13 बार के विजेता राफ़ेल नडाल को हराकर नोवाक जोकोविच ने फ़्रेंच ओपन के फ़ाइनल में जगह बनाई. 



फ़ाइनल में सर्बिया के जोकोविच का मुक़ाबला ग्रीस के स्टोफ़ानोस सितसिपास से होगा. सितसिपास किसी ग्रैंड स्लैम के फ़ाइनल में पहुंचने वाले पहले ग्रीक हैं. वहीं, क्ले कोर्ट के चैंपियन के रूप में प्रसिद्ध नडाल की फ़्रेंच ओपन के कुल 108 मैचों में यह उनकी तीसरी हार है. 2016 में जोकोविच एक बार फ्रेंच ओपन जीत चुके हैं जबकि 2015 में उन्होंने नडाल को हराया था. जोकोविच अगर इस बार का फ़्रेंच ओपन का फ़ाइनल मैच भी जीत जाते हैं तो वो यह इनका 19वां ग्रैंड स्लैम होगा. इसके साथ ही वो 50 सालों में ऐसे पहले पुरुष बन जाएंगे जिन्होंने चारों ग्रैंड स्लैम दो बार जीते हैं. अगर जोकोविच यह ख़िताब जीत जाते हैं तो वो रोजर फ़ेडरर के साथ 20 ग्रैंड स्लैम जीतने की बराबरी कर लेंगे.

कैसा रहा मैच

पेरिस के फ़िलिफ-शेटरिए कोर्ट पर खेला गया सेमीफ़ाइनल मुक़ाबला अब तक फ़्रेंच ओपन में खेले गए महानतम मैचों में से एक बताया जा रहा है. चार सेट्स तक खिंचे मैच में जोकोविच ने नडाल को 3-6 6-3 7-6 (7-4) 6-2 से हराया. ग़ौरतलब यह भी है कि नडाल पिछले चार बार से लगातार फ़्रेंच ओपन चैंपियन हैं. मैच के बाद जोकोविच ने कहा, "ये उन मैचों में से है जिसे आप हमेशा याद रखना चाहेंगे. यह मेरी ज़िंदगी के टॉप तीन मैचों में से एक है." क़रीब 5,000 दर्शकों के सामने खेले गए ये हाई-क्वालिटी मैच ड्रामा, सस्पेंस और ट्विस्ट एंड टर्न से भरपूर रहा. कोरोना वायरस प्रतिबंध के कारण फ़्रांस में रात 11 बजे से कर्फ़्यू लागू हो जाता है लेकिन दर्शकों को मैच देखने की अनुमति दी गई. यह फ़ैसला तीसरे सेट के 98 मिनट तक खिंचने बाद लिया गया.

'यह मेरा दिन नहीं था'

स्पेन के 35 वर्षीय खिलाड़ी नडाल ने चौथे सेट के पहले गेम में 2-0 की लीड बना ली थी लेकिन वो जोकोविच की तेज़ी के आगे टिक नहीं पाए और अगले छह गेम जोकोविच जीत गए. यह मैच कुल चार घंटे से अधिक चला. फ़्रेंच ओपन के 14वें सेमीफ़ाइनल में यह नडाल की पहली हार थी. उन्होंने मैच के बाद कहा, "शायद यह मेरा आज बेस्ट डे नहीं था, यहां तक कि मैंने भी संघर्ष किया." उन्होंने कहा, "कभी आप जीतते हैं, तो कभी हारते हैं. मेरे पास बड़ा मौक़ा था. वहां पर कुछ ग़लत तरीक़े से पॉइंट छूटे लेकिन थकान भी थी."

Popular posts from this blog

राजद नेता रघुवंश नहीं रहे:लालू के करीबी रघुवंश प्रसाद का 74 की उम्र में दिल्ली एम्स में निधन; 3 दिन पहले पार्टी से इस्तीफा दिया था, पर लालू ने स्वीकार नहीं किया

येदियुरप्पा ने मानी हार, विश्वास मत परीक्षण से पहले ही दिया इस्तीफा

बाइडन को सत्ता सौंपने के लिए आख़िरकार तैयार हुए डोनाल्ड ट्रंप