बोलरों की मेहनत पर बल्लेबाजों ने फेरा पानी, भारत की हार

केप टाउन में साउथ अफ्रीका को 130 के मामूली स्कोर पर समेटने के बाद ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम मैच में जीत दर्ज कर सकती है लेकिन मेजबान टीम के गेंदबाजों ने 208 रन के लक्ष्य को बेहद मुश्किल बना दिया। कैप्टन विराट कोहली, धुरंधर ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या, अनुभवी चेतेश्वर पुजारा और रोहित शर्मा जैसे शानदार बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके और साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए अपनी टीम को 72 रन से जीत दिला दी। फिलैंडर ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट झटके और टीम इंडिया को चौथे ही दिन हार झेलनी पड़ी।
मैच का चौथा दिन गेंदबाजों के नाम रहा। पहले भारतीय गेंदबाजों ने कमाल दिखाया और फिर मेजबान टीम के बोलर्स ने जलवा बिखेरा। चौथे दिन दोनों टीमों के कुल 18 विकेट गिरे। साउथ अफ्रीका के पेसर फिलैंडर के अलावा मोर्नी मोर्कल और कैगिसो रबाडा ने 2-2 विकेट अपने नाम किए।

शिखर धवन और मुरली विजय ने भारतीय पारी की शुरुआत की। दोनों ने शुरुआत में संयमित खेल दिखाया लेकिन शिखर एक गलत शॉट खेलने के चक्कर में मोर्नी मोर्कल का शिकार बने। धवन ने 20 गेंदों पर 2 चौकों की मदद से 16 रन बनाए। टीम के 30 के स्कोर पर ही विजय भी चलते बने। उन्होंने इससे पहले दो बार रिव्यू लिया जो सफल रहा। विजय को पेसर फिलैंडर ने एबी डिविलियर्स के हाथों कैच कराया। अनुभवी पुजारा भी 4 रन बनाकर मोर्कल का शिकार बने।
टीम इंडिया के 3 विकेट 39 रन तक गिर गए जिसके बाद कोहली और रोहित ने चौथे विकेट पर 32 रन जोड़े। विराट अच्छी फॉर्म में दिख रहे थे लेकिन फिलैंडर ने उन्हें LBW आउट कर दिया। विराट ने 40 गेंदों पर 4 चौके जड़े। रोहित से उम्मीदें थीं लेकिन वह भी ज्यादा देर नहीं टिक सके और उन्हें 10 रन के निजी स्कोर पर फिलैंडर ने पविलियन भेजा।
76 रन पर आधी टीम के पविलियन लौटने के बाद हार्दिक पंड्या क्रीज पर उतरे। पहली पारी में 93 रन बनाने वाले हार्दिक पंड्या को कैगिसो रबाडा ने अपना शिकार बनाया और वह केवल 1 रन बनाकर डिविलियर्स के हाथों लपके गए। पंड्या के आउट होने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा 8 रन के निजी स्कोर पर रबाडा ने LBW आउट कर दिया और टीम इंडिया का स्कोर 7 विकेट पर 82 रन हो गया।
इसके बाद अश्विन और भुवनेश्वर कुमार ने आठवें विकेट पर 49 रन जोड़े। अश्विन आठवें विकेट के रूप में 131 के स्कोर पर आउट हुए। उन्होंने 53 गेंदों पर 5 चौकों की मदद से 37 रन बनाए। फिलैंडर ने अश्विन को पविलियन भेजने के बाद भारतीय पारी को समेटने में ज्यादा समय नहीं लगाया। उन्होंने पारी के 43वें ओवर की पहली गेंद पर अश्विन को आउट किया, तीसरी गेंद पर शमी (4) को डु प्लेसिस के हाथों कैच कराया और फिर अगली ही गेंद पर बुमराह (0) को पविलियन की राह दिखा दी।
इससे पहले पेसर मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह की शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारत ने साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी 130 रन पर समेट दी। शमी और बुमराह को 3-3 विकेट मिले जबकि हार्दिक पंड्या और भुवनेश्वर कुमार ने 2-2 विकेट अपने नाम किए। चौथे दिन का खेल जब शुरू हुआ तब भारत के हालात अच्छे नजर नहीं आ रहे थे। साउथ अफ्रीका के पास 142 रनों की बढ़त थी और उसके हाथ में 8 विकेट थे। माना जा रहा था कि कप्तान विराट कोहली की सेना के सामने कई चुनौतियां हैं लेकिन, यह टीम इंडिया कुछ अलग है। टीम आक्रामक है। यह टीम डिफेंसिव होकर नहीं खेलती और हमेशा विपक्षी टीम पर हावी होने की कोशिश करती है।
भारतीय गेंदबाजों ने चौथे दिन सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की और साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज तेज गेंदबाजों के सामने असहाय नजर आए। दिन के दूसरे ही ओवर में भारत के हाथ में बड़ी कामयाबी लगी। दिग्गज बल्लेबाज हाशिम अमला सिर्फ चार रन बनाकर गली में रोहित शर्मा के हाथों लपके गए। मोहम्मद शमी की एक गेंद पर अमला ने कवर्स में शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर गली में खड़े रोहित शर्मा की ओर गई। रोहित ने आगे बढ़ते हुए शानदार कैच लपका। हालांकि अमला इस बात से संतुष्ट नहीं थे कि कैच साफ लपका गया है। मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर की मदद लेने का फैसला किया और रीप्ले में यह साफ हो गया कि रोहित का दावा सही है। भारत के लिए यह तीसरी कामयाबी थी।
नाइट वॉचमैन कैगिसो रबाडा टिककर खेल रहे थे। उनका साथ दे रहे थे एबी डि विलियर्स लेकिन शमी ने रबाडा को आउट कर भारत को एक और कामयाबी दिलायी। थोड़ी सी बाहर जाती इस गेंद पर रबाडा ने बल्ला चलाया। गेंद बल्ले के बीच में लगने के बजाय किनारे पर लगकर तेजी से स्लिप की ओर गई। यहां दूसरी स्लिप में खड़े विराट कोहली ने तेजी दिखाते हुए गेंद को पहली स्लिप में चेतेश्वर पुजारा के सामने से लपक लिया। शमी लगातार ऑफ स्टंप के बाहर गेंदबाजी कर रहे थे और उन्हें इसका फायदा भी मिला। भारत को चौथे दिन जल्दी ही दूसरे दिन के सेट बल्लेबाजों के विकेट मिल गए।
इसके बाद साउथ अफ्रीका के कप्तान फॉफ डु प्लेसिस क्रीज पर आए। डु प्लेसिस के खतरे से भारतीय टीम को जसप्रीत बुमराह ने निजात दिलायी। दिन के नौवें और पारी के 29वें ओवर में बुमराह ने एक शानदार गेंद फेंकी। 141 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली यह गेंद गुड लेंथ पर टिप्पा खाकर तेजी से उछली। गेंद ने डु प्लेसिस के दस्तानों को छुआ और विकेटकीपर साहा के दस्तानों में गई।
साउथ अफ्रीका की पहली पारी में डु प्लेसिस ने ही एबी डिविलियर्स के साथ मिलकर अपनी टीम को 12/3 की संकट भरी स्थिति से उबारा था। डु प्लेसिस का जमना भारत के लिए खतरनाक हो सकता था। लेकिन आज भारतीय टीम कुछ अलग ही इरादे लेकर आई थी। तीसरे दिन हुई बारिश ने विकेट को भी गेंदबाजी के लिए थोड़ी मुफीद बना दिया था और भारतीय बोलर इसका जमकर फायदा उठा रहे थे।
बुमराह ने इसके बाद विकेटकीपर क्विंटन डि कॉक को आउट किया। बुमराह की गेंद पर डि कॉक बल्ले का किनारा दे बैठे। भारतीय अपील को ऑन फील्ड अंपायर केटनबुरा ने नकार दिया लेकिन भारत ने रिव्यू लेने का फैसला किया। यह निर्णय सही रहा। डि कॉक 8 रन बनाकर आउट हुए। मोहम्मद शमी ने फिलैंडर को LBW कर साउथ अफ्रीकी टीम को सातवां झटका दिया।
साउथ अफ्रीका को आठवां झटका केशव महाराज के रूप में लगा और भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर ऋद्धिमान साहा ने उन्हें लपका। मोर्नी मोर्कल ज्यादा देर नहीं टिक सके और केवल 2 रन बनाकर भुवी का शिकार बने। स्टार बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने जरूर प्रयास किया लेकिन वह 35 रन के निजी स्कोर पर टीम के दसवें विकेट के रूप में पविलियन लौटे। बुमराह की गेंद पर डिविलियर्स ने बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया लेकिन भुवनेश्वर ने कैच कर उन्हें पविलियन का रास्ता दिखा दिया।

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