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औरंगाबाद: पटरी पर बिखरी रोटियां और गांव लौट रहे मजदूरों की लाशें, बेहद भयावह...

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महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मालगाड़ी की चपेट में आने से 16 प्रवासी मज़दूरों की मौत हो गई है. दक्षिण मध्य रेलवे के चीफ़ पीआरओ ने बीबीसी हिंदी से हादसे की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि ये हादसा शुक्रवार सुबह 5:30 बजे के क़रीब हुआ. हादसे की वजह पर रोशनी डालते हुए चीफ़ पीआरओ ने कहा, "ऐसा लगता है कि मज़दूर पटरी पर सो रहे थे." दुर्घटना में घायल हुए पाँच लोगों को औरंगाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है. औरंगाबाद के एसपी मोक्षदा पाटिल ने बीबीसी मराठी के निरंजन छानवाल को बताया कि सभी मज़दूर औरंगाबाद के पास जालना की एक स्टील फैक्ट्री में काम करते थे. ये लोग जालना से भुसावल की तरफ़ जा रहे थे. उन्हें बताया गया था कि भुसावल से ट्रेन मिल जाएगी. इमेज कॉपीराइट @ANI@ANI दुर्घटना कहां हुई? परभनी-मनमाड रेल सेक्शन पर बदनापुर और कर्माड रेलवे स्टेशन के बीच ये दुर्घटना हुई. कर्माड पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "मजदूर मध्य प्रदेश लौट रहे थे. वे रेल पटरी के साथ चल रहे और थकान की वजह से पटरी पर सो गए." छोड़िए ट्विटर पोस्ट @narendramodi

बॉलीवुड अभिनेता इरफ़ान ख़ान का मुंबई में निधन

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बॉलीवुड अभिनेता इरफ़ान ख़ान का निधन हो गया है. मंगलवार को तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया था. तबीयत क्यों बिगड़ी और उन्हें क्या तकलीफ़ हुई और आईसीयू में क्यों भर्ती किया गया था, अभी फ़िलहाल इस बारे में कोई जानकारी खुलकर सामने नहीं आई है. इरफ़ान के परिवार में से भी किसी ने आधिकारिक तौर पर ज़्यादा कुछ नहीं बताया. इससे पहले मंगलवार को इरफ़ान ख़ान के एक प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा था कि इरफ़ान ख़ान मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती हैं. उन्हें कोलन इन्फ़ेक्शन हुआ है.
इरफ़ान की बीमारी पिछले साल (2019) में इरफ़ान ख़ान लंदन से इलाज करवाकर लौटे थे और लौटने के बाद वो कोकिलाबेन अस्पताल के डॉक्टरों की देखरेख में ही ट्रीटमेंट और रुटीन चेकअप करवा रहे थे. बताया जाता है कि फ़िल्म 'अंग्रेज़ी मीडियम' के दौरान भी उनकी तबीयत बिगड़ जाया करती थी. ऐसे में कई बार पूरी यूनिट को शूट रोकना पड़ता था और जब इरफ़ान बेहतर महसूस करते थे, तब शॉट फिर से लिया जाता था.हाल ही में इरफ़ान ख़ान की मां सईदा बेगम का जयपुर में निधन हो गया. लॉकडाउन की वजह से…

ग्रामीण इलाकों में खुलेंगी सभी दुकानें पर शॉपिंग मॉल नहीं, शहरों के गैर कंटेनमेंट जोन में भी खुलेंगी पड़ोस की दुकानें, गृह मंत्रालय ने किया स्पष्ट

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इसके साथ ही मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोविड-19 हॉटस्पॉट और ‘नियंत्रण’ वाले क्षेत्रों की दुकानें अभी नहीं खुलेंगी। इसके अलावा ई-कॉमर्स कंपनियां भी अपने मंच से सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की बिक्री कर सकेंगी। शराब की बिक्री पर अभी प्रतिबंध रहेगा।

सरकार ने लॉकडाउन के दौरान शहरी इलाकों की रिहायशी कॉलोनियों के परिसरों और गली-मोहल्ले की दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी है। लेकिन बडे बाजारों में स्थित दुकानों को अभी खोलने की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में शॉपिंग मॉल को छोड़कर सभी दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। गृह मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात जारी आदेश में कहा कि मॉल अभी बंद रहेंगे, लेकिन ग्रामीण इलाकों की दुकानों को खोला जा सकता है।
इसके साथ ही मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोविड-19 हॉटस्पॉट और ‘नियंत्रण’ वाले क्षेत्रों की दुकानें अभी नहीं खुलेंगी। इसके अलावा ई-कॉमर्स कंपनियां भी अपने मंच से सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की बिक्री कर सकेंगी। शराब की बिक्री पर अभी प्रतिबंध रहेगा।
गृह मंत्रालय ने अपने 15 अप्रैल के आदेश में संशोधन किया है। इसके तहत गैर-जरूरी सामान की दुकानो…

कोरोना वायरस: सिवान क्यों बना बिहार का हॉटस्पॉट

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बिहार में सिवान ज़िले का पंजवार गांव कोरोना का हॉटस्पॉट बन गया है. बिहार में 10 अप्रैल की सुबह 11 बजे तक कुल 60 कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ मिले हैं जिनमें से अकेले सिवान ज़िले से ही 29 मरीज़ हैं.
सिवान ज़िले में हॉटस्पॉट बने पंजवार गांव में कुल 23 लोग कोरोना पॉज़िटिव हैं. इन 23 कोरोना पॉज़िटिव में से 21 एक ही परिवार के हैं. एक युवक से फैलती गई संक्रमण की चेन सिवान ज़िले के रघुनाथपुर ब्लॉक के पंजवार गांव की बात करें, तो यहां 21 मार्च के आसपास दो व्यक्ति खाड़ी देश से लौटे थे. इनमें से इस युवक ने ख़ुद को होम क्वारंटीन कर लिया था. लेकिन 21 मार्च को ओमान से आए युवक ने ख़ुद को क्वारंटीन नहीं किया था. यहीं युवक बाद में 3 अप्रैल को आए जाँच नतीजों में कोरोना पॉज़िटिव निकला. माना जा रहा है कि इसी युवक के कारण संक्रमण की पूरी चेन बनती चली गई. इसी युवक के परिवार के 21 लोग पॉज़िटिव पाए गए हैं.
पंजवार के रहने वाले संजय सिंह ने बीबीसीहिंदीओआरजी को बताया कि 21 मार्च को जब ये युवक गांव वापस लौटा तो लोग उससे ख़ुद ही दूरी बरत रहे थे. लेकिन उसने अपने परिवार को एयरपोर्ट पर लगी मोहर दिखाकर ये भरोसा दिलाया कि व…

कोरोना वायरस: तबलीग़ी जमात, पुलिस, दिल्ली सरकार और केंद्र पर उठते सवाल

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दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाक़े में मार्च में हुए तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम के बाद अब पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज़ कर लिया है.
तबलीग़ी जमात से जुड़े मौलाना मोहम्मद साद की खोज जारी है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मुताबिक 36 घंटे के ऑपरेशन के बाद मरक़ज़ से 2361 लोगों को निकाल लिया गया है, जिसमें से 617 अस्पताल में भर्ती हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों में आई अचानक बढ़ोतरी के लिए तबलीग़ी जमात को ज़िम्मेदार ठहराया है.एक प्रेस ब्रीफ़ में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा है कि संक्रमित लोगों की संख्या में अचानक आई वृद्धि तबलीग़ी जमात के लोगों के भ्रमण की वजह से है लेकिन ये ट्रेंड पूरे देश में दिखाई नहीं दे रहा है. छोड़िए ट्विटर पोस्ट @msisodiaManish Sisodia ✔