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किसान आंदोलन: MSP पर माँग मान क्यों नहीं लेती मोदी सरकार? जानिए क्या है वजहें

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  भारत की राजधानी दिल्ली के बॉर्डर पर किसानों के धरना प्रदर्शन का सोमवार को पाँचवा दिन है. पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश से दिल्ली की तरफ़ कूच कर रहे किसान हाल ही केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे हैं. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के मुताबिक़ उनकी अहम माँगों में से एक है, "सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम कीमत पर ख़रीद को अपराध घोषित करे और एमएसपी पर सरकारी ख़रीद लागू रहे." एमएसपी पर ख़ुद प्रधानमंत्री ट्वीट कर कह चुके हैं, "मैं पहले भी कहा चुका हूँ और एक बार फिर कहता हूँ, MSP की व्यवस्था जारी रहेगी, सरकारी ख़रीद जारी रहेगी. हम यहां अपने किसानों की सेवा के लिए हैं. हम अन्नदाताओं की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे और उनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करेंगे." उनका ये ट्वीट 20 सितंबर 2020 का है. छोड़िए Twitter पोस्ट, 1 पोस्ट Twitter समाप्त, 1 छोड़िए Twitter पोस्ट, 2 पोस्ट Twitter समाप्त, 2 लेकिन ये बात सरकार बिल में लिख कर देने को तैयार नहीं है. सरकार की दलील है कि इसके पहले के क़ानूनों में भी लिखित में ये

बाइडन को सत्ता सौंपने के लिए आख़िरकार तैयार हुए डोनाल्ड ट्रंप

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  अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप ने मान लिया है कि नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन को सत्ता सौंपने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए. ट्रंप ने ट्वीट कर कहा है कि सत्ता हस्तांतरण की निगरानी करने वाली अहम फ़ेडरल एजेंसी जीएसए को वो 'चीज़ें करनी चाहिए जो ज़रूरी हैं'. हालांकि उन्होंने अब भी अपनी लड़ाई जारी रखने की बात कही है. दूसरी तरफ़, जनरल सर्विस ऐडमिनिस्ट्रेशन यानी जीएसए ने जो बाइडन को 'विजेता' के तौर पर स्वीकार कर लिया है. ये घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब मिशिगन राज्य में जो बाइडन की जीत की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई थी. इस पुष्टि से ट्रंप के उस अभियान को गहरा झटका लगा था जिसमें वो अमेरिका के चुनावी नतीजों को चुनौती दे रहे हैं. जो बाइडन के समर्थकों ने सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होने का स्वागत किया है. जो बाइडन अब 20 जनवरी को शपथ लेने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि ट्रंप के कैंपेन का अब भी कहना है कि वो मिशिगन के चुनावी नतीजों को चुनौती देंगे. हालांकि अब वक़्त धीरे-धीरे ख़त्म हो रहा है. 14 दिसंबर को अमेरिकी इलेक्टोरल कॉलेज बाइडन की जीत की पुष्टि कर देगा. ट्रंप ने क्या

सऊदी अरब ने खत्म किया कफाला सिस्टम, प्रवासी मजदूरों को नौकरी बदलने के लिए नहीं पड़ेगी किसी कफील की जरूरत

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  सऊदी अरब साम्राज्य श्रम से संबंधित प्रमुख सुधार ला रहा है। यह प्रवासियों या विदेशी श्रमिकों के लिए कफला प्रणाली (प्रायोजन) को समाप्त करने जा रहा है। प्रवासियों को अब सऊदी अरब के राज्य में नौकरी बदलने के लिए किसी कफील या प्रायोजक की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। घोषणा की गई है और परिवर्तन अगले सप्ताह की शुरुआत में शुरू होने और 2020 की पहली छमाही में लागू होने वाला है। कफला प्रणाली (प्रायोजन) को नियोक्ता और कर्मचारियों के बीच एक नए प्रकार के अनुबंध से बदल दिया जाएगा। 2021 में, सऊदी ने निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने की भी योजना बनाई है, जहां विदेशी कर्मचारी या प्रवासी कफील या प्रायोजक के अधीन नहीं है, बल्कि नियोक्ता से सीधे अनुबंध में होगा। सऊदी अरब में कफाला प्रणाली का 7 दशकों से पालन किया जा रहा है और इसकी शोषण के कारण कई विदेशी श्रमिकों द्वारा आलोचना की गई है। वर्तमान में 10 मिलियन से अधिक विदेशी कर्मचारी कफ़ाला प्रणाली के तहत सऊदी अरब में रहते हैं, जिसके लिए उन्हें सऊदी नियोक्ता द्वारा प्रायोजित करने की आवश्यकता होती है और जब भी वे देश छोड़ना चाहते हैं, उन्हें एक निकास / पुनः प्रवेश वी

बेगुनाहों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल हो रहा है गोहत्या क़ानूनः इलाहाबाद हाई कोर्ट

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  इंडियन एक्सप्रेस की एक   रिपोर्ट   के मुताबिक इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में गोहत्या क़ानून का इस्तेमाल बेगुनाहों के ख़िलाफ़ किया जा रहा है. हाई कोर्ट ने कहा है कि छोड़ दिए गए पशुओं की सुरक्षा के लिए क़दम उठाए जाने चाहिए और क़ानून का इस्तेमाल उसमें निहित भावना से होना चाहिए. अक्तूबर में गोहत्या क़ानून के तहत गिरफ़्तार किए गए एक अभियुक्त को ज़मानत देते हुए जस्टिस सिद्धार्थ ने कहा, "क़ानून का इस्तेमाल बेग़ुनाहों के ख़िलाफ़ किया जा रहा है. जहां भी मांस मिलता है उसे बिना फोरेंसिक लैब में टेस्ट कराए गाय का मांस बता दिया जाता है. अधिकतर मामलों में मांस को परीक्षण के लिए भेजा तक नहीं जाता. अभियुक्त उस अपराध के लिए जेल में रहते हैं जो हो सकता है हुआ ही ना हो." आदेश में कहा गया, "जब गायों को ज़ब्त किया हुआ दिखाया जाता है तो रिकवरी का कोई मेमो तैयार नहीं किया जाता और किसी को नहीं पता कि रिकवरी के बाद गायें कहां चली जाती हैं." उत्तर प्रदेश सरकार के डाटा के मुताबिक राज्य में राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत हुईं कुल 139 गिरफ़्तारियों में से आधी से ज़्यादा (76

कोविड पॉज़िटिव निकले मंत्री के संपर्क में आने के बाद भी बद्रीनाथ गईं उमा भारती, दो दिन बाद खुद हुईं कोरोना संक्रमित

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 पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहीं उमा भारती गुरुवार को बद्रीनाथ मंदिर के दर्शन करने गई थीं। अब वह कोरोना संक्रमित पायी गई हैं। बता दें कि बीते हफ्ते ही उमा भारती राज्य शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के संपर्क में आयीं थी, जो कि बुधवार को कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, उमा भारती को भी डॉक्टर्स ने सलाह दी थी कि वह एक कोरोना संक्रमित के संपर्क में आयी हैं, इसलिए यात्रा ना करें लेकिन उमा भारती ने डॉक्टर्स की सलाह को नजरअंदाज करते हुए ब्रद्रीनाथ मंदिर की यात्रा की। उमा भारती ने ट्वीट कर बताया था कि धन सिंह रावत के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्होंने और उनकी साथ बद्रीनाथ धाम गए सभी लोगों ने अपनी कोरोना जांच करायी थी, जिसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आयी थी। उमा भारती ने बताया कि उनकी गाड़ी का ड्राइवर कोरोना पॉजिटिव पाया गया था और उसके टेस्ट के बाद जब उनका टेस्ट हुआ तो वह भी कोरोना पॉजिटिव पायी गईं।

कृषि विधेयकों का विरोधः अब एनडीए से भी अलग हुआ शिरोमणि अकाली दल

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  केंद्र सरकार के कृषि विधेयकों का विरोध कर रही शिरोमणि अकाली दल ने अब एनडीए से अलग होने का ऐलान किया है. 9 दिन पहले केंद्र सरकार में मंत्री हरसिमरत कौर ने भी पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. अकाली दल भाजपा की पुरानी सहयोगी पार्टी रही है और लंबे समय से एनडीए का हिस्सा थी. आज शिरोमणि अकाली दल की कोर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से एनडीए से अलग होने का फ़ैसला लिया गया है. शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर बादल ने एक ट्वीट में बताया है कि पार्टी एक अक्तूबर को पंजाब में बड़ा किसान मार्च करेगी और राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को ज्ञापन सौपेंगी. सुखबीर बादल ने एसएडी के एनडीए से अलग होने की जानकारी देते हुए कहा कि ये फ़ैसला पार्टी कोर समिति ने सर्वसम्मति से लिया है. बादल ने कहा, 'जब ये अध्यादेश कैबिनेट में लाए गए थे, तब भी हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्री के रूप में कई बार किसानों की भावनाओं के अनुसार बिलों को बदलने के लिए कहा था, लेकिन हमारी बात नहीं मानी गई.' वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि बादल परिवार के पास एनडीए से अलग होने के अलावा औ

बिहार चुनावः तीन चरणों में होंगे चुनाव, 10 नवंबर को नतीजे

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  निर्वाचन आयोग ने बिहार में विधानसभा चुनाव तीन चरणों में करवाने की घोषणा की है. मतदान 28 अक्तूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को होगा. मतगणना 10 नवंबर को होगी. 28 अक्तूबर को पहले चरण में 16 ज़िलों की 71 सीटों पर मतदान होगा. 3 नवंबर को दूसरे चरण में 17 ज़िलों की 94 सीटों पर मतदान होगा. 7 नवंबर को तीसरे चरण में 15 ज़िलों की 78 सीटों पर मतदान होगा. बिहार विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि कोरोना महामारी की वजह से चुनावों के दौरान विशेष एहतियात बरता जाएगा जिसके लिए ख़ास प्रबंध किए जाएँगे. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि महामारी की वजह से मतदान का समय एक घंटे बढ़ा दिया गया है. अब अति संवेदनशील क्षेत्रों को छोड़ ज़्यादातर मतदान केंद्रों पर मतदान सुबह सात बजे से शाम तक होगा तक होगा. कोरोना संक्रमित लोग मतदान के आख़िरी घंटे में मतदान कर सकेंगे. भारत में कोरोना महामारी के बाद ये पहला चुनाव होगा. बिहार की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त हो रहा है. चुनाव आयोग ने कोरोना महामारी के दौरान चुनाव कराए जाने को लेकर पिछले महीने दिशानिर्द

गुप्तेश्वर पांडे ने बिहार डीजीपी से लिया VRS, चुनाव लड़ने की तैयारी?

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  बिहार सरकार ने डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे का स्वैच्छिक रिटायरमेंट आवेदन स्वीकार कर लिया है. होमगार्ड के डीजीपी एसके सिंघल को बिहार डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. कहा जा रहा है कि पांडे ने ऐसा बिहार विधानसभा चुनाव में विधायक का चुनाव लड़ने के लिए वीआरएस लिया है. बिहार के बक्सर से गुप्तेश्वर पांडे के चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है. यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें बीजेपी ने टिकट देने का आश्वासन दिया है. गुप्तेश्वर पांडे डीजीपी रहते हुए राजनीतिक बयान देने के कारण सुर्खियों में रहते थे. हाल के दिनों में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में भी अपनी टिप्पणियों के कारण विवादों में आए थे. पूरे मामले में वो मुंबई पुलिस को लेकर हमलावर दिखे थे. अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती पर अपनी एक टिप्पणी को लेकर विवाद में आ गए थे. गुप्तेश्वर पांडे ने कहा था कि रिया चक्रवर्ती की इतनी 'औक़ात' नहीं है को वो नीतीश कुमार पर टिप्पणी करें. 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले भी पांडे ने वीआरएस के लिए आवेदन किया था लेकिन उन्हें बक्सर से चुनाव टिकट नहीं मिला था इसलिए अपना आवेदन वापस ले लिया था. छोड़िए Twi