Posts

कोरोना वायरस: तबलीग़ी जमात, पुलिस, दिल्ली सरकार और केंद्र पर उठते सवाल

Image
दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाक़े में मार्च में हुए तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम के बाद अब पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज़ कर लिया है.
तबलीग़ी जमात से जुड़े मौलाना मोहम्मद साद की खोज जारी है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मुताबिक 36 घंटे के ऑपरेशन के बाद मरक़ज़ से 2361 लोगों को निकाल लिया गया है, जिसमें से 617 अस्पताल में भर्ती हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों में आई अचानक बढ़ोतरी के लिए तबलीग़ी जमात को ज़िम्मेदार ठहराया है.एक प्रेस ब्रीफ़ में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा है कि संक्रमित लोगों की संख्या में अचानक आई वृद्धि तबलीग़ी जमात के लोगों के भ्रमण की वजह से है लेकिन ये ट्रेंड पूरे देश में दिखाई नहीं दे रहा है. छोड़िए ट्विटर पोस्ट @msisodiaManish Sisodia ✔

कोरोना अप्डेट्स: तबलीगी जमात ने दिखाई पुलिस-प्रशासन को लिखी चिट्ठी

Image
दिल्ली का निज़ामुद्दीन इलाका. यहां 13 से 15 मार्च के बीच एक तब्लीगी जमात मरकज़ में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ. 1200 से 1500 लोग इसमें शामिल हुए. विदेशों से भी लोग आए थे. इस कार्यक्रम में शामिल हुए छह लोगों की 30 मार्च को तेलंगाना में मौत हो गई. कश्मीर में भी 65 साल के एक कोरोना पॉज़िटिव शख्स की मौत हुई, वह भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इसके बाद पुलिस ने इस कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों की तलाश तेज़ कर दी है.
इस बीच एक चिट्ठी सामने आई है. 25 मार्च की. मरकज के मौलाना युसफ ने हज़रत निज़ामुद्दीन के SHO को एक चिट्ठी लिखी थी.


इसमें कहा था-
24 मार्च को आपकी चिट्ठी मिली थी. हम मरकज को बंद करने की कोशिश कर रहे हैं. हमने 23 मार्च तक 1500 से ज्यादा लोगों को यहां से बाहर निकाला है. यहां अभी भी हजार से अधिक लोग हैं. आपके निर्देशों के मुताबिक़ हमने SDM से कांटेक्ट किया है ताकि गाड़ियों के लिए पास मिल सके और हम बाकी लोगों को भी भेज सकें. SDM ऑफिस से 25 मार्च की सुबह 11 बजे मीटिंग तय है. आपसे गुजारिश है कि काम को जल्दी से निपटाने के लिए आप SDM से संपर्क करें. हम आपके निर्देशों पर चलने को तैयार हैं. सह…