ग्रामीण इलाकों में खुलेंगी सभी दुकानें पर शॉपिंग मॉल नहीं, शहरों के गैर कंटेनमेंट जोन में भी खुलेंगी पड़ोस की दुकानें, गृह मंत्रालय ने किया स्पष्ट

इसके साथ ही मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोविड-19 हॉटस्पॉट और ‘नियंत्रण’ वाले क्षेत्रों की दुकानें अभी नहीं खुलेंगी। इसके अलावा ई-कॉमर्स कंपनियां भी अपने मंच से सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की बिक्री कर सकेंगी। शराब की बिक्री पर अभी प्रतिबंध रहेगा।

सरकार ने लॉकडाउन के दौरान शहरी इलाकों की रिहायशी कॉलोनियों के परिसरों और गली-मोहल्ले की दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी है। लेकिन बडे बाजारों में स्थित दुकानों को अभी खोलने की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में शॉपिंग मॉल को छोड़कर सभी दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। गृह मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात जारी आदेश में कहा कि मॉल अभी बंद रहेंगे, लेकिन ग्रामीण इलाकों की दुकानों को खोला जा सकता है।
इसके साथ ही मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोविड-19 हॉटस्पॉट और ‘नियंत्रण’ वाले क्षेत्रों की दुकानें अभी नहीं खुलेंगी। इसके अलावा ई-कॉमर्स कंपनियां भी अपने मंच से सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की बिक्री कर सकेंगी। शराब की बिक्री पर अभी प्रतिबंध रहेगा।
गृह मंत्रालय ने अपने 15 अप्रैल के आदेश में संशोधन किया है। इसके तहत गैर-जरूरी सामान की दुकानों को भी कुछ शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दी गई है। आदेश में कहा गया है कि संबंधित राज्य और संघ शासित प्रदेश के दुकान एवं प्रतिष्ठान कानून के तहत पंजीकृत नगर निगम और नगरपालिकाओं के दायरे में आने वाली रिहायशी परिसरों और पास-पड़ोस तथा गली-मोहल्लों की दुकानों को खोला जा सकता है।
मंत्रालय ने कहा है कि नगर निगमों तथा नगरपालिकाओं की सीमा से बाहर स्थित पंजीकृत बाजारों की दुकानों को भी खोला जा सकता है। लेकिन ऐसी दुकानों को सामाजिक दूरी के दिशानिर्देशों का अनुपालन करना होगा। ऐसी दुकानों में सिर्फ 50 प्रतिशत कर्मचारियों से काम लिया जा सकेगा। इन दुकानों के कर्मचारियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। हालांकि, इन इलाकों में एकल और बहु ब्रांड दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं होगी।

Popular posts from this blog

येदियुरप्पा ने मानी हार, विश्वास मत परीक्षण से पहले ही दिया इस्तीफा

सरकार में पैराशूट बाबू की एंट्री की शुरुआत, बिना #UPSC पास किए भी बन सकेंगे अफसर

काले हिरण के शिकार के मामले में सलमान ख़ान दोषी क़रार, मिली 5 साल की सज़ा