कोरोना अप्डेट्स: तबलीगी जमात ने दिखाई पुलिस-प्रशासन को लिखी चिट्ठी

दिल्ली का निज़ामुद्दीन इलाका. यहां 13 से 15 मार्च के बीच एक तब्लीगी जमात मरकज़ में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ. 1200 से 1500 लोग इसमें शामिल हुए. विदेशों से भी लोग आए थे. इस कार्यक्रम में शामिल हुए छह लोगों की 30 मार्च को तेलंगाना में मौत हो गई. कश्मीर में भी 65 साल के एक कोरोना पॉज़िटिव शख्स की मौत हुई, वह भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इसके बाद पुलिस ने इस कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों की तलाश तेज़ कर दी है.
इस बीच एक चिट्ठी सामने आई है. 25 मार्च की. मरकज के मौलाना युसफ ने हज़रत निज़ामुद्दीन के SHO को एक चिट्ठी लिखी थी.


इसमें कहा था-
24 मार्च को आपकी चिट्ठी मिली थी. हम मरकज को बंद करने की कोशिश कर रहे हैं. हमने 23 मार्च तक 1500 से ज्यादा लोगों को यहां से बाहर निकाला है. यहां अभी भी हजार से अधिक लोग हैं. आपके निर्देशों के मुताबिक़ हमने SDM से कांटेक्ट किया है ताकि गाड़ियों के लिए पास मिल सके और हम बाकी लोगों को भी भेज सकें. SDM ऑफिस से 25 मार्च की सुबह 11 बजे मीटिंग तय है. आपसे गुजारिश है कि काम को जल्दी से निपटाने के लिए आप SDM से संपर्क करें. हम आपके निर्देशों पर चलने को तैयार हैं. सहयोग के लिए आपका शुक्रिया करते हैं और आगे आपके निर्देशों के तहत काम करने को तैयार हैं.
 28 मार्च को ACP, लाजपत नगर, नई दिल्ली ने मरकज के प्रमुख मोहम्मद साद को एक चिट्ठी लिखते हुए कहा है-
भारत सरकार के लॉक आर्डर के आदेश और दिल्ली सरकार के धारा 144 के बावजूद निज़ामुद्दीन के मरकज में कई लोग जमा हुए हैं. कई अथॉरिटी ने अपने आर्डर में बताया है कि 4 लोगों से ज्यादा के जमा होने की मनाही है. आपको आदेश का पालन करने को कहा गया लेकिन इसका ठीक से पालन नहीं किया गया है.


इमरजेंसी जैसे हालात को देखते हुए आपको एक बार फिर से कानून के नियमों को फॉलो करने का निर्देश दिया जाता है. लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आप पर लीगल कारवाई की जा सकती है, महामारी रोग अधिनियम 1957 की धारा 188, 269 और 270 के तहत.
 इसके साथ ही पुलिस की चिट्ठी में कोरोना वायरस से कैसे बचें, इसको लेकर निर्देश दिए गए थे.
मरकज ने 29 मार्च को और चिट्ठी लिखी. दिल्ली पुलिस को. लिखा कि
मरकज़ ने सभी क़ानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है. ‘जनता कर्फ्यू’ समेत लॉकडाउन तक किसी भी सरकारी निर्देश की अनदेखी नहीं की गई है. इसमें लिखा गया है कि मरकज ने कुछ गाड़ियों के लिए पास मांगा था, ताकि लॉकडाउन के बीच लोगों को वहां से निकाला जा सके. जब लॉकडाउन का निर्देश दिया गया तो सैकड़ों लोग मरकज में थे, उन्हें निकालने के लिए दिल्ली पुलिस से मदद मांगी गई थी.
लॉकडाउन होने से पहले ही लोग जमा हो चुके थे. लॉकडाउन के ऑर्डर के बाद एक भी आदमी को मरकज़ में एंट्री नहीं दी गई. सारे दरवाजे बंद कर दिए गए थे. जनता कर्फ्यू के दिन हमने निर्देशों को मानते हुए मरकज को खाली रखा था. 23 तारीख को हमने खाली कराना शुरू किया लेकिन 21 दिन का लॉकडाउन आ गया. ऐसे में मरकज में लोग अलग-थलग हो गए.


 मरकज के मुताबिक़, मामले कैसे बढ़े. पॉइंट्स में जानिए.
1. 24 मार्च को हज़रत निज़ामुद्दीन के एसएचओ का नोटिस आया.
2. 25 मार्च को तहसीलदार के साथ मेडिकल टीम मरकज पहुंची. सीमित लोगों की जांच की और लिस्ट बनाई. हम SDM ऑफिस पहुंचे और लोगों को निकालने के लिए कुछ गाड़ियों की लिस्ट दी.
3. 26 मार्च को SDM मरकज आए. अपने ऑफिस में मीटिंग के लिए बुलाया. हमने उन्हें चीजें बताई और समझाई और हम परमिशन का इंतज़ार करते रहे.
4. 27 मार्च को 6 लोग मेडिकल चेकअप के लिए ले जाए गए. अभी वे सभी हरियाणा के झज्झर में आइसोलेटेड हैं.
5. 28 मार्च को SDM और WHO की टीम आई और मरकज से 33 लोगों को मेडिकल चेकअप के लिए ले गई. ये सभी अभी राजीव गांधी कैंसर हॉस्पिटल, दिल्ली में आइसोलेटेड हैं.
लेटेस्ट अपडेट क्या है?
मरकज से अभी तक करीब 1034 लोगों को शिफ्ट किया गया है. 334 लोगों को हॉस्पिटल भेजा गया है. 700 लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है. कोरोना टेस्ट किए जा रहे हैं. अभी तक 24 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं.
केंद्र सरकार के मंत्रियों ने इस मामले को लेकर 31 मार्च को बैठक की है. स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि हम सभी को यह समझने की ज़रूरत है कि ये वक्त गलतियां खोजने का नहीं है. कारवाई करने का है.
Press Trust of India
@PTI_News
We all need to understand this is not time to find faults but to take action: Health Ministry official on COVID-19 cases in Nizamuddin
507 4:35 PM - Mar 31, 2020
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दिल्ली पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है. बीबीसी की रिपोर्ट मुताबिक़, पुलिस का कहना है कि लोग बड़ी तादाद में बिना इजाजत यहां जमा हुए थे. दिल्ली सरकार ने इसके आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ करने की सिफ़ारिश की है. दिल्ली सरकार का दावा है कि जिस वक़्त ये आयोजन हो रहा थे उस वक्त दिल्ली में ऐसी कई धाराएं लागू थी जिसके तहत 4 से ज्यादा लोग एक जगह जमा नहीं हो सकते थे.

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