PMC घोटाला: शून्य आमदनी वाली कंपनियों को भी बांट दिया करोड़ों का लोन! HDIL ग्रुप के फर्जीवाड़े का विदेशी फर्मों से भी जुड़े तार

प्रीविलेज ऑयल एंड गैस की इन दोनों सहायक कंपनियों को ग्लोबल एडवाइजरी, कॉरपोरेट और बिजनेस सेवा प्रदाता कंपनी एबैक्स कॉरपोरेट सर्विस लिमिटेड मैनेज कर रही थी। इस कंपनी का ऑफिस मॉरिशस के इबेन में था।

पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (PMC) बैंक घोटाला मामले में एक के बाद एक नई जानकारियां सामने आ रही है। इंडियन एक्सप्रेस की जानकारी के अनुसार हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) के प्रोमोटर्स राकेश वधावन और सारंग वधावन ने आमदनी नहीं होने के बावजूद पीएमसी बैंक से लोन लिया।
इसके अलावा इस पैसे को अन्य कंपनियों में लगा दिया। कंपनी की तरफ से किए गए ये सभी लेनदेन जांच के घेरे में हैं। राकेश वधावन और सारंग वधावन ने एक तेल और गैस कंपनी के द्वारा मॉरिशस की कंपनी में 174 करोड़ रुपये का निवेश भी किया। मॉरिशस की यह कंपनी किसी भी तरह से बिजनेस ऑपरेशन नहीं कर रही थी। इस कंपनी की शुरुआत जून 2010 में हुई थी।
इससे पहले मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने राकेश और सारंग वधावन को पीएमसी बैंक लिमिटेड के साथ 4355 करोड़ रुपये की लोन धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी के अनुसार वाधवा की तरफ से प्रोमोट की जाने वाली कंपनी प्रीविलेज ऑयल एंड गैस प्राइवेट लिमिटेड ने मॉरिशस की सुनसारा इन्वेस्टमेंट लिमिटेड और सनशाइन ओवरसीज लिमिटेड में साल 2010 और 2014 में निवेश किया।
प्रीविलेज ऑयल एंड गैस की इन दोनों सहायक कंपनियों को ग्लोबल एडवाइजरी, कॉरपोरेट और बिजनेस सेवा प्रदाता कंपनी एबैक्स कॉरपोरेट सर्विस लिमिटेड मैनेज कर रही थी। इस कंपनी का ऑफिस मॉरिशस के इबेन में था। रोचक बात यह है कि एबैक्स कॉरपोरेट सर्विस के इसी कार्यालय से कई ऑफशोर कंपनियों को मैनेज किया जाता था जिनके नाम पनामा पेपर्स में सामने आए थे। रिकॉर्ड से यह पता चला है कि प्रीविलेज ऑयल एंड गैस लिमिटेड कंपनी 2012-13 से अपने ऑपरेशंस से किसी भी तरह का रेवेन्यू अर्जित नहीं कर रही थी। ये उन 65 कंपनियों में से एक थी जिसमें वाधवा का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंध था।
2018-19 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार एचडीआईएल की केवल पांच सहायक कंपनियां थीं। बीकेसी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, लशकारिया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, माजदा इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड और प्रीविलेज पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्टर प्राइवेट लिमिटेड। इन कंपनियों की तरफ से रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार साल 2014 से 2018 के वित्त वर्ष में इन कंपनियों की कोई आय नहीं थी। लेकिन वधावन का बिजनेस रियल स्टेट से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, फाइनेंसियल सर्विसेज, मीडिया, ऑयल एंड गैस, हेल्थकेयर, ब्रेवरीज और अन्य क्षेत्र तक फैला था।

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