CBI बनाम ममता बनर्जी: सुप्रीम कोर्ट ने कहा राजीव कुमार को सीबीआई गिरफ्तार नहीं कर सकती!

सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से कहा है किवो शारदा चिट फ़ंड घोटाले की जांच कर रही सीबीआई के साथ सहयोग करें.

लेकिन कोर्ट ने ये भी कहा है कि सीबीआई न ही बल प्रयोग करेगी और न ही पुलिस आयुक्त को गिरफ़्तार कर सकती है. वो केवल उनसे पूछताछ कर सकती है.
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षा वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर, राज्य के पुलिसमहानिदेशक और चीफ़ सेक्रेटरी को नोटिस जारी करते हुए 19 फ़रवरी तक अपना जवाब दाख़िल करने के निर्देश दिए.
इस मामले की अगली सुनवाई अब 20 फ़रवरी को होगी.
इस बीच कोलकाता में धरने पर बैठी ममता ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला जनता की जीत है, लोकतंत्र और संविधान की जीत है.
वो इसे अपनी जीत क्यों बता रही हैं, ये पूछे जाने पर ममता ने इसके कई कारण गिनाए.
1. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि ममता सरकार के ख़िलाफ़ अदालत की अवहेलना का मामला दर्ज किया जाए, जिसे अदालत ने नहीं माना.
2. सीबीआई ने राजीव कुमार के ख़िलाफ़ ढेर सारे आरोप लगाए थे जिसे सुप्रीम कोर्ट ने नकार दिया.
3. सुप्रीम कोर्ट ने किसी तीसरी जगह पर राजीव कुमार से पूछताछ की बात की है जिसके लिए राजीव कुमार और पश्चिम बंगाल सरकार हमेशा तैयार थी. अब शिलॉंग में राजीव कुमार से पूछताछ होगी.
4. सीबीआई की मंशा थी कि राजीव कुमार को गिरफ़्तार करेगी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया है कि सीबीआई उन्हें गिरफ़्तार नहीं कर सकती है.
लेकिन बीजेपी इसे अपनी जीत कह रही है.
पार्टी महासचिव और बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ममता से इस्तीफ़े की मांग कर डाली है.
सीबीआई इस विवाद को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को मंगलवार के लिए टाल दिया था.

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