मेरा एनकाउंटर करने की साजिश हुई: तोगड़िया

अहमदाबाद के चंद्रमणि अस्पताल में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने मीडिया से बात की.
तोगड़िया ने आरोप लगाया, ''मेरा एनकाउंटर करने साजिश की गई. जब मुझे ये पता चला तो मेरे पास जो ज़ेड सिक्योरिटी है, मैं उसे बताकर एयरपोर्ट के निकल लिया. मैंने शॉल ओढ़ी हुई थी ताकि कोई मुझे पहचान न पाए. मुझे अस्पताल कौन लाया है, मैं नहीं जानता हूं. मैं हिंदू एकता के लिए जो कोशिशें कर रहा हूं, उसे दबाने की कोशिश की जा रही है.''
पढ़िए प्रवीण तोगड़िया की खास बातें
  • मैं हिंदू एकता के लिए प्रयास करता रहा. कई सालों से जो हिंदुओं की आवाज थी कि राम मंदिर, गो हत्या बंदी का कानून बनाओ और कश्मीरी हिंदुओं को बसाओ. ये आवाज़ मैं हिंदुओं की ओर से उठाता रहा. और इस आवाज़ को दबाने की कोशिश होती रही.
  • मैंने देश के जो 10 हजार डॉक्टर तैयार किए. सेंट्रल आईबी ने इन लोगों को डराना शुरू किया.
  • मैंने केंद्र सरकार को खत लिखा. आवाज़ दबाने के लिए कोशिश की जा रही है.
  • 20-20 साल पुराने केस निकाले जा रहे हैं. कल मकर संक्राति के दिन राजस्थान की पुलिस का काफिला मेरे ख़िलाफ गैर-ज़मानती वॉरेंट लेकर आया.
  • ये हिंदुओं की मेरी आवाज़ दबाने के कदम का एक हिस्सा है. मैं हिंदू संगठनों के लिए काम करता रहा.
  • आरएसएस के भैय्याजी जोशी के साथ मकर संक्रांति के दिन सभा करके रात के एक-जो बजे लौटा.
  • सुबह में पूजा पाठ कर रहा था, तब एक शख्स मेरे कमरे में घुस आया और कहा कि तुरंत कार्यालय छोड़ दीजिए. आपका एनकाउंटर करने वाले हैं.
  • ये आदमी जो मुझे बताकर गया था, मैंने इस पर यकीन नहीं किया. लेकिन मेरे पास जो फोन आया, उससे मुझे शक हुआ. मैंने वकीलों और अपनों से बात की, तो उन्होंने कहा कि कोर्ट में सरेंडर कीजिए.
  • मैंने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया. मैंने बाहर देखा तो दो पुलिसवाले थे.
  • मैंने सोचा कि अगर कुछ तब बुरा हुआ तो देश में भी माहौल बिगड़ेगा. मैं बाहर निकला और ऑटोरिक्शा में कार्यकर्ताओं को बैठाकर निकल पड़ा.
  • राजस्थान के गृहमंत्री को फोन किया. उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी, मैंने अपने सारे फोन स्विच ऑफ किए.

क्या है पूरा मामला?

विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया का इलाज अहमदाबाद के चंद्रमणि अस्पताल में चल रहा है.
अस्पताल के डॉक्टर रूप कुमार अग्रवाल ने बीबीसी को बताया, ''108 नंबर की इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा तोगड़िया को बेहोशी की हालत में अस्पताल लेकर आई थी, उनका शुगर लेवल काफी नीचे थे. तोगड़िया फिलहाल बोलने की स्थिति में नहीं हैं लेकिन ख़तरे से बाहर हैं.''
राजस्थान की गंगापुर कोर्ट ने दंगे के एक मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकारी अंतरराष्ट्रीय प्रमुख डॉ. प्रवीण तोगड़िया के ख़िलाफ़ समन जारी किया था. कई बार ज़मानती वॉरंट जारी होने के बाद भी वो कोर्ट में हाज़िर नहीं हुए जिसके बाद कोर्ट ने ग़ैर-ज़मानती वॉरंट जारी किया था.
इसके बाद राजस्थान पुलिस सोमवार को अहमदाबाद के सोला पुलिस स्टेशन उन्हें गिरफ़्तार करने पहुंची थी, लेकिन वह घर पर नहीं मिले और पुलिस वापस चली गई.

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