चीनी सेना ने शुरू किया अभ्यास, क्या युद्ध की तैयारी?

सिक्किम में भारत के साथ हालिया विवाद के बीच चीन की सेना ने उग्र स्टैंड लेने के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। चीनी सेना तिब्बत के ऊंचाई वाले इलाके में युद्ध के वास्तविक हालात के मुताबिक अभ्यास कर रही है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार यह सैन्य अभ्यास 5100 मीटर की ऊंचाई पर किया जा रहा है। 

इस अभ्यास में चीन अपने सबसे आधुनिक टैंक (टाइप 96बी) का भी परीक्षण कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक नए उपकरणों का परीक्षण करने के साथ गोलीबारी कराई जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अभ्यास में युद्ध अभियान कमान, युद्ध में सहयोग, गोलीबारी का प्रशिक्षण और शस्त्रों की समग्र निगरानी को शामिल किया गया है।
पिछले सप्ताह चीनी रक्षा विभाग के प्रवक्ता कर्नल वू किन ने मीडिया से कहा था कि सैन्य अभ्यास के दौरान करीब 35 टन वजन वाले टैंक का परीक्षण किया जा रहा है। शिन्हुआ ने अपनी वेबसाइट पर इस अभ्यास की तस्वीरें भी जारी की हैं। यह अभ्यास सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में भारत और चीन के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में हो रहा है। 

हाल में ही सैन्य विशेषज्ञों ने कहा था कि युद्ध की स्थिति में चीनी सेना को बेहतर कोऑर्डिनेशन के लिए जूझना पड़ रहा है। इसके बाद चीन की सरकार ने नियमित तौर पर मिलिटरी एक्सरसाइज शुरू कर दी थी। शिन्हुआ के मुताबिक ऐसा पहली बार है जब इतनी ज्यादा ऊंचाई पर तिब्बत के पठार में युद्ध की परिस्थितियों के मुताबिक अभ्यास किया जा रहा है। 

हालांकि सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च में स्ट्रैटिजिक स्टडीज के प्रफेसर ब्रह्म चेलानी इसे दूसरे नजरिए से देख रहे हैं। उनका कहना है कि अगर भारत की सेना सतर्क रही, हथियारों की तैनाती ठीक ढंग से हुई तो भौगोलिक वातावरण हमारे पक्ष में है और चीन डोकलाम में कुछ नहीं कर सकता। 
भारत भी अमेरिका, जापान के साथ मिलकर दिखाएगा ताकत
उधर, भारत, अमेरिका और जापान मिलकर सैन्य अभ्यास के जरिए अपनी ताकत दिखाने जा रहे हैं। भारत और चीन के बीच मौजूदा तनाव के बीच तीनों देशों का मालाबार सैन्य अभ्यास शुरू होने जा रहा है। चीन की इस अभ्यास पर गहरी नजर है। वह दुनिया के कारोबार के लिहाज से अहम साउथ चाइना-सी में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है, जबकि हिंद महासागर क्षेत्र में भी चीनी पनडुब्बियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। 

7 से 17 जुलाई तक चलने वाले मालाबार अभ्यास में तीनों देशों के नौसैनिक अपने सबसे बड़े पोतों और विमानों के साथ शामिल होंगे। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार से अभ्यास की प्लानिंग मीटिंग शुरू होगी, जबकि उद्घाटन समारोह 10 जुलाई को होगा। अभ्यास में 15 युद्धपोतों, दो पनडुब्बियों और कई लड़ाकू विमानों, हेलिकॉप्टरों के शामिल होने की जानकारी मिली है। भारत का सबसे बड़ा युद्धपोत आईएनएस विक्रमादित्य भी पहली बार इसमें शामिल होगा, जबकि अमेरिका की ओर से उसका विमान वाहक जहाज निमित्ज होगा। जापान की ओर से 14 हेलिकॉप्टर ढोने की क्षमता रखने वाला सबसे बड़ा युद्धपोत इजुमो मौजूद रहेगा।

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