भारत के 'त्रिदेव' को रोकना कठिन, इतिहास भी पाकिस्तान के साथ नहीं


आज महामुकाबला है। चिर-प्रतीक्षित मुकाबला। ऐसे मुकाबले की क्रिकेट प्रेमी कल्पना ही करते हैं। रविवार को जब ओवल में भारत-पाकिस्तान चैंपियंस ट्रोफी के मुकाबले के लिए भिड़ेंगे तो न केवल भारतीय उपमहाद्वीप बल्कि पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमी अद्भुत रोमांच की उम्मीद करेंगे। कोई भी टूर्नमेंट खेल भावना से बड़ा नहीं होता, लेकिन जब भी भारत-पाक भिड़ते हैं तो अक्सर किताबी अनमोल विचारों के ऊपर भावनाएं हावी नजर आती हैं। इस फाइनल में भी इसी की उम्मीद है। देखना रोचक होगा कि क्या भारत के 'त्रिदेव' की काट पाक के पास है?

'त्रिदेव' को रोकना मुमकिन नजर नहीं आता
इतिहास, आंकड़े, परफॉर्मेंस जिसकी भी बात करें सुपर संडे के फाइनल से पहले भारत पाकिस्तान पर भारी नजर आ रहा है। आप चाहें तो क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कह सकते हैं लेकिन भारतीय टीम ने अंतरराष्ट्रीय टूर्नमेंट्स में पाक के खिलाफ अक्सर इस किताबी अवधारणा को झुठलाया ही है। ऊपर से भारत के 'त्रिदेव' की फॉर्म ऐसी है कि पाकिस्तान क्या दुनिया के किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ सकती हैं।

ये 'त्रिदेव' हैं शिखर धवन, रोहित शर्मा और विराट कोहली। भारत ने इस पूरे टूर्नमेंट में अबतक विरोधी टीमों के खिलाफ 1074 रन बनाए हैं। इसमें 81.38 फीसदी रन इसी तिकड़ी ने बनाए हैं। शिखर धवन 4 मैचों की 4 पारी में 317 रन बनाकर इस टूर्नमेंट में टॉप पर हैं। शिखर की स्ट्राइक रेट 102.25 की है और एक शतक व 2 अर्धशतक जमा चुके हैं। रोहित शर्मा 4 मैचों की 4 पारी में 87.60 की स्ट्राइक रेट से 304 रन बना कर टूर्नमेंट में दूसरे स्थान पर हैं। यह भारत की ओपनिंग जोड़ी भी है, जिसका चलना जीत की गारंटी माना जा रहा है।

अब अगर इनमें से कोई चूकता भी है, तो पाकिस्तान राहत की सांस नहीं ले सकता, क्योंकि 'त्रिदेव' के तीसरे नेत्र कोहली इसके तुरंत बाद आते हैं। कोहली ने 4 मैचों की 3 पारी में 100.39 की स्ट्राइक रेट से 253 रन बनाए हैं। कोहली इस टूर्नमेंट के टॉप स्कोरर की लिस्ट में 5वें नंबर हैं। अब जिस टीम के पास टूर्नमेंट के टॉप-5 स्कोरर में से 3 हों, उसके विरोधियों के हाल का अंदाजा तो आप लगा ही सकते हैं।

इतिहास भी पाकिस्तान के साथ नहीं
कहते हैं कि इतिहास अक्सर खुद को दोहराता है। भारत-पाकिस्तान के बीच मैच हो तो यह इतिहास और तेजी से खुद को दोहराता नजर आता है। कुल मिलाकर इतिहास भी पाकिस्तान के साथ नजर नहीं आ रहा है। 1999 के विश्वकप के बाद से भारत ने इंग्लिश धरती पर खेले गए 4 वनडे मैचों में से 3 बार पाकिस्तान को धोया है। आईसीसी द्वारा आयोजित टूर्नमेंट्स में भारत और पाकिस्तान 15 बार टकराए हैं। इसमें 13 बार टीम इंडिया को जीत मिली है।

भारत के लिए चिंता की वजहें यहां हैं
अब ऐसा तो है नहीं कि पाकिस्तान इस अहम फाइनल में पाकिस्तान को वाकओवर देने जा रहा है। टूर्नमेंट में दयनीय प्रदर्शन से शुरुआत करने वाली पाकिस्तानी टीम ने जिस अंदाज में इंग्लैंड को रौंदा वह किसी भी विपक्षी के लिए चिंता की बात है। इस जीत के बाद से ही पाकिस्तानी टीम के हौसले बुलंद हैं। कुछ ऐसे पॉइंट्स और आंकड़े हैं जिन्हें लेकर टीम इंडिया को चिंता करने की जरूरत है...
1- पाक के ये जोड़ीदार कहीं भारत पर न पड़ जाएं भारी: वैसे तो टीम इंडिया की बैटिंग लाइन की गहराई किसी भी गेंदबाज के लिए खौफनाक है पर जब बात पाकिस्तान की हो तो आप पूरे मामले को हल्के में नहीं ले सकते। पाकिस्तान के गेंदबाजों ने इस टूर्नमेंट में विरोधी टीमों के 28 बल्लेबाजों को आउट किया है, जो सर्वाधिक है। टूर्नमेंट के टॉप 5 गेंदबाजों में पाकिस्तान के दो गेंदबाज हैं। हसन अली और जुनैद खान की जोड़ी ने मिलकर 17 विकेट लिए हैं। इसमें हसन के खाते में 10 विकेट जबकि जुनैद के खाते में 7 विकेट हैं। मिडल ओवरों में इनकी डेथ गेंदबाजी भारत के लिए चिंता की बात है।

2- खिताबी मुकाबलों में भारी नजर आ रहा पाक: अबतक 10 खिताबी मुकाबलों में भारत और पाक आमने-सामने हो चुके हैं। इसमें से 7 बार पाकिस्तान को जीत मिल चुकी है।
3- अश्विन की फिटनेस: शनिवार को प्रैक्टिस के दौरान इंडिया के स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के घुटने में चोट लग गई। अश्विन कैचिंग प्रैक्टिस कर रहे थे तभी वह एक कोशिश के दौरान गिर पड़े। उनके दाएं घुटने में चोट लगी और वह तकलीफ में दिखे। अब देखना है कि वह फाइनल में खेल पाते हैं या नहीं। अगर अश्विन नहीं खेले तो भारत की गेंदबाजी की धार निश्चित तौर पर कमजोर हो जाएगी।

सहवाग से जानिए, क्यों भारी है टीम इंडिया
अब एक्सपर्ट्स की राय भी ले लेते हैं। वीरेंद्र सहवाग की राय में टीम इंडिया की जीत का मार्ग प्रशस्त दिख रहा है। सहवाग इन बिंदुओं पर टीम इंडिया को आगे बता रहे हैं...

उम्दा ओपनिंग जोड़ी: शिखर धवन (4 इनिंग्स में 317 रन) और रोहित शर्मा (4 इनिंग्स में 304 रन) इस टूर्नामेंट के टॉप-2 रन स्कोरर हैं।
डेथ बोलिंग में अच्छे: भुवनेश्वर कुमार (4.70 की इकॉनमी) और जसप्रीत बुमरा (4.30 की इकॉनमी) शुरुआत और आखिर में भी असरदार।
बैटिंग में गहराई: टॉप-3 बैट्समेन शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। नंबर 10 पर उतरने वाला टीम का प्लेयर भी बैट से योगदान देने में सक्षम है।
फील्डिंग में बेहतर: दोनों देशों के फील्डिंग स्टैंडर्ड में काफी फर्क है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ जीत में शानदार फील्डिंग का भी रोल रहा।
कमाल का कैप्टन: खुद बेहतर प्रदर्शन कर बाकी खिलाड़ियों के लिए मिसाल पेश करते हैं। पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के भी अनुभव का लाभ।

बकौल महमूद, पाक भी नहीं कम
फॉर्म में ओपनर्स: अजहर अली और फखर जमान ने इंग्लैंड के खिलाफ 118 रन जोड़े थे। इन दोनों का फॉर्म में लौटना टीम को मजबूती देता है।
पेस में पैनापन: बोलर हसन अली (4 मैच,10 विकेट) को जुनैद खान (3 मैच, 7 विकेट) का अच्छा साथ। मोहम्मद आमिर से मजबूती मिलेगी।
इंडिया पर प्रेशर: डिफेंडिंग चैंपियन पर हमेशा प्रेशर होता है। भारतीय टीम को इस अहम फाइनल मुकाबले में इसी दबाव से गुजरना पड़ सकता है।
मिडल में बोलिंग: पिछले तीन मैचों में हमने विपक्षी टीम को 250 रन से कम पर आउट किया। इसमें मिडल ओवर में बोलिंग का कमाल रहा है।
बढ़ा है हौसला: टूर्नमेंट में खराब शुरुआत से उबरने के बाद लगातार तीन मैच जीतकर फाइनल में जगह पक्की करने से टीम का हौसला बढ़ा है।

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